काबुल: तालिबान ने अपने देश की मुद्रास्फीती को बचाने के लिए एक नायाब रास्ता खोज निकाला है। तालिबान ने कहा है कि जो लोग काबुल छोड़ कर विदेशों में चले गए हैं उनके मकानों को किराए पर चढ़ा दिया जाएगा।
साथ ही किराए से आने वाली आमदनी को केंद्रीय बैंकों को दिया जाएगा।
तालिबान ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। ट्वीट अरबी भाषा में किया गया है। गौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और वो गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
तालिबान ने कहा है कि जो लोग देश छोड़कर पश्चिम की ओर भागे हैं उनके मकानों को किराये पर दे दिया जाएगा। किराये से आने वाली आमदनी को केंद्रीय बैंक को दिया जाएगा, जिससे आर्थिक हालातों में बेहतरी हो। साथ ही मकान मालिकों के देश लौटने पर उन्हें भी इस आमदनी का हिस्सा सौंपा जाएगा।
15 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद कई लाख लोगों ने देश छोड़ दिया था। लगभग एक लाख लोगों को खुद अमेरिकी सेना ने काबुल के बाहर निकालने में मदद की थी।
दरअसल, तालिबान के काबिज होने के बाद पश्चिमी देशों ने अफ़ग़ानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय फंड फ्रीज़ कर दिए थे। इसमें देश की केंद्रीय बैंक की आईएमएफ़ में मौजूद पूंजी भी शामिल है।
इन्हीं सब कारणों से देश की मूद्रास्फीती चरम पर है और अफ़ग़ानिस्तान नकदी की भयंकर कमी से जूझ रहा है।
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