भोपाल: मध्य प्रदेश में दो साल पहले साल 2019 ‘हनीट्रैप’ मामले की जाँच कर रहे विशेष जाँच दल यानी एसआईटी ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ से उनके पास मौजूद एक पेन ड्राइव सौंपने के लिए कहा है।
एसआईटी के मुताबिक ये ‘बेहद ही अहम सबूत’ है।
दरअसल मामला सितंबर, 2019 का है, जब मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में पाँच महिलाओं और एक पुरुष को नेताओं और बड़े अधिकारियों को ‘हनीट्रैप’ करने के साथ-साथ आपत्तिजनक वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था।
अब एसआईटी ने कमलनाथ पर सीआरपीसी की प्रासंगिक धाराओं के तहत उन्हें नोटिस भेजा है।
जाँच दल, SIT ने 21 मई को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान यह भी कहा था कि कमलनाथ के पास हनीट्रैप मामले से जुड़ी कोई पेन ड्राइव या सीडी मौजूद है। लेकिन कमलनाथ ने इस मामले मे कोई भी सबूत होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है,"मेरे पास पेन ड्राइव नहीं है।''
कमलनाथ को भेजे गए नोटिस में साफ तौर से कहा गया है कि हनीट्रैप मामले में हुई एफ़आईआर में यह पेनड्राइव एक ‘बेहद महत्वपूर्ण सबूत’ साबित हो सकती है। इसके अलावा नोटिस में कहा गया है कि इस पेनड्राइव के जरिए जाँच और भी प्रभावी हो जाएगी।
साथ ही एसआईटी द्वार भेजे नोटिस में यह भी कहा गया है कि कमलनाथ को दो जून को भोपाल स्थित अपने आवास पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए मौजूद रहना होगा। जाँच दल को सहयोग कर, पेन ड्राइव सौंपनी होगी।
इस मामले पर कांग्रेस नेता ने जवाब देते हुए कहा है कि वो नोटिस का जवाब जरूर देंगे। साथ ही जांच में सहयोग भी करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा है कि पेनड्राइव उनके पास नहीं है बल्कि ये कई पत्रकारों के पास है और वे लोग इसे मध्य प्रदेश में जगह-जगह सर्कुलेट भी कर रहे हैं।
कमलनाथ ने अपने बयान में कहा है कि पुलिस ने उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी इसलिए दी थी क्योंकि वो उस दौरान वो राज्य में मुख्यमंत्री थे।
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