अफवाहों ने ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन रफ्तार पर लगाया ब्रेक, पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज के लिए नहीं पहुंच रहे लोग
कोडरमा। झारखंड के कोडरमा में कोरोना वैक्सीन को लेकर फैली अफवाहों के बड़े दुष्परिणाम सामने आये हैं। दरअसल, फिलहाल कोरोना से जंग जीतने के टीकाकरण ही एकमात्र हथियार है। इसलिए कोडरमा जिले में 45 वर्ष से अधिक उम्रवालों के शत प्रतिशत वैक्सिनेशन के लिए जिला प्रशासन ग्रुप ऑफ पंचायत स्तर पर वैक्सिनेशन अभियान चला रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाहों और तरह-तरह के भ्रांतियों के प्रसार के कारण वैक्सीनेशन की रफ्तार में कमी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कोडरमा के ग्रामीण इलाकों में पहला डोज लेने के बाद दूसरे डोज लेने के लिए सेशन साइट तक लोग नही पहुंच रहे। डीसी रमेश घोलप ने वैक्सिनेशन साइट पर जिलास्तर के पदाधिकारी की भी तैनाती की है,ताकी ग्रामीणों को अफवाहों को दरकिनार कर वैक्सीन लेने को प्रेरित किया जा सके।
कोडरमा डीसी रमेश घोलप चंदवारा प्रखंड के 14 पंचायतों में चल रहे वैक्सिनेशन साइटों पर पहुंचे, जहां उन्होंने वैक्सिनेशन के इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान डीसी की मुलाकात एक महिला से हो गई। वह महिला पहला डोज ले चुकी है,लेकिन समय अवधि पूरा होने के बाबजूद दूसरा डोज नही ले पाई। डीसी रमेश घोलप ने उक्त महिला की भ्रांतियों को दूर किया और शीघ्र ही वैक्सीन लेने की अपील की।
डीसी रमेश घोलप ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाह, भ्रांतियां है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सतर्क है, लोगों को टीकाकरण के बाद आने वाले बुखार, दर्द आदि को सामान्य प्रक्रिया बतलाते हुए जागरूक कर रहा है। डीसी ने ये भी बताया कि अफवाह फैलाने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत एफआईआर करने के निर्देश दिए गए हैाैं। रिपोर्ट- विक्की केसरी
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