बोकारो: झारखंड के बोकारो जिला का बोकारो स्टील प्लांट देश का सार्वजनिक उद्योग होने का फर्ज अदा कर रहा है। बोकारो स्टील प्लांट 5 दशको से इस्पात बनाते आ रहा है। आज कोरोना काल में कोविड मरीजों की इलाज में मदद के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के सभी संयंत्र देश के विभिन्न हिस्सों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन (LMO) की सप्लाई कर रहें हैं
अगस्त 2020 से अभी तक सेल के संयंत्रों से 39647 मेट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में की जा चुकी है। सेल की इकाई बोकारो स्टील प्लांट भी इस संकट की घड़ी में देश की सेवा में लगा है और झारखंड समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ इत्यादि में लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति नियमित रूप से कर रहा है
बोकारो स्टील प्लांट में दो ऑक्सिजन प्लांट है :
कैपटिव ऑक्सिजन प्लांट
मेसर्स आइनोक्स द्वारा संचालित ऑक्सिजन प्लांट
कोविड-19 मरीज़ों के इलाज की ज़रूरत को देखते हुए दोनों ही प्लांट में लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन का उत्पादन बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में दोनों प्लांट को मिलाकर लगभग 150 मेट्रिक टन प्रति लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा है। अप्रैल माह के आरंभ में लगभग 100 मेट्रिक टन प्रति लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा था।
यह बढ़ोत्तरी गैसियस ऑक्सिजन उत्पादन में कुछ कमी लाकर की गई है, पर इससे बोकारो स्टील प्लांट के इस्पात उत्पादन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है, कारण गैसियस ऑक्सिजन उत्पादन पहले से ही पर्याप्त मात्रा में किया जा रहा था। कैपटिव ऑक्सिजन प्लांट में अधिकारियों समेत लगभग 90 बीएसएल कर्मी कार्यरत हैं जबकि मेसर्स आइनोक्स के प्लांट में लगभग 80 कर्मी हैं।
उत्पादन का कार्य 8- 8 घंटे की तीन शिफ्ट में लगातार चल रहा है
लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी श्री अमरेन्दु प्रकाश के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम लगातार मोनिटरिंग कर रही है. टीम में अधिशासी निदेशक (एमएम) वी के पाण्डेय, अधिशासी निदेशक (संकार्य) अतनु भौमिक, मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएँ) श्री बी के तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) श्री आर के अग्रवाल, बीएसएल ट्राफिक विभाग एवं आइनोक्स के अधिकारी इत्यादि शामिल हैं यह टीम रेलवे के साथ भी समन्वय कर रही है.
बोकारो स्टील प्लांट से लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति दो तरह से हो रही है :
सिलिंडर फिलर एजेंसियों को और सीधे अस्पतालों को उपरोक्त दोनों मामलों में संबधित पार्टी अपना खाली टैंकर लेकर बोकारो स्टील प्लांट आती है और यहाँ लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन भरकर वापस जाती है। अगस्त 2020 से मार्च 2021 तक उपरोक्त एजेंसियों को बोकारो स्टील प्लांट ने 6100 टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति की है।
अप्रैल माह का डाटा निम्नलिखित है :
सिलिंडर फिलर एजेंसियों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति (1 अप्रैल से 25 अप्रैल 2021 तक)
झारखंड : 398 मेट्रिक टन
उत्तर प्रदेश : 626 मेट्रिक टन
बिहार : 474 मेट्रिक टन
पश्चिम बंगाल : 19 मेट्रिक टन
पंजाब : 71 मेट्रिक टन
महाराष्ट्र : 19 मेट्रिक टन
मध्य प्रदेश : 40 मेट्रिक टन
सीधे अस्पतालों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति (1 अप्रैल से 25 अप्रैल 2021 तक)
झारखंड (बोकारो जेनरल अस्पताल) : 59 मेट्रिक टन
उत्तर प्रदेश : 212 मेट्रिक टन
बिहार : 81 मेट्रिक टन
पश्चिम बंगाल : 9 मेट्रिक टन
मध्य प्रदेश : 307 मेट्रिक टन
लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति 22 अप्रैल तक सड़क मार्ग से ही हुई थी। 23 अप्रैल को पहली बार ऑक्सिजन एक्सप्रेस से लगभग 50 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन लखनऊ भेजा गया। लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति झारखंड व अन्य राज्यों से आ रहे डिमांड के मुताबिक तथा सरकार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। रिपोर्ट- बृज भूषण द्विवेदी
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