नई दिल्ली: कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 66वें दिन भी जारी है। किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है। किसान आंदोलन के चलते कई दौरे की बात हो चुकी है, लेकिन सब विफल रहीं।
वहीं इसी दौरान दिल्ली के सभी बॉर्डर पर डटे किसानों ने साफ कह दिया है कि वह धरने प्रदर्शन से बिलकुल पीछे नहीं हटेंगे। सरकार पानी बंद औप सब सुविधा हटा दे, लेकिन वे किसी भी हालत में पीछे नहीं हटने वाले।
गौरतलब है कि मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा “इस महीने 26 जनवरी को लाल किले पर तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ। 26 जनवरी किसानों के ट्रैक्टर आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने लाल किले पर उस स्थान पर निशान साहिब का झंडा फहरा दिया था, जहां प्रधानमंत्री हर साल स्वतंत्रता पर झंडा फहराते हैं”।
वहीं पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर किसान नेता और कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है। टिकैत ने कहा है कि क्या तिरंगा सिर्फ प्रधानमंत्री का है? सारा देश
तिरंगे से प्यार करता है, जिसने तिरंगे का अपमान किया है उसको पुलिस पकड़े।
राकेश टिकैत ने मीडिया सा बातचीत के दौरान कहा “सारा देश तिरंगे से प्यार करता है, जिसने तिरंगे का अपमान किया है उसको पकड़ा जाए”। सरकार और किसानों के बीच कृषि कानूनों पर बातचीत फिर से शुरू करने पर राकेश टिकैत ने कहा कि बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं होगी।
बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं होगी-टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा “हम देश के प्रधानमंत्री का सम्मान करते हुए इस मुद्दे का समाधान चाहते हैं”। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं होगी, प्रेशर डील के बातचीत नहीं होगी, हम बातचीत करेंगे सरकार कंडीशन रख कर बात ना करे”।
सर्वदलीय बैठक में भी पीएम ने की थी बातचीत की पेशकश
मालूम हो कि बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा था कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बातचीत के लिए जो पेशकश की है वो अब भी बरकरार है। पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के एक कॉल पर सरकार उनके साथ बात करने को तैयार है।
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