Delhi : इजरायली दूतावास के पास हुए बम धमाके की 'जैश उल हिंद' ने ली जिम्मेदारी, मामले की जांच में जुटी है एजेंसियां
नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इजरायली दूतावास (Israeli Embassy) के पास शुक्रवार को कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी जैश उल हिंद (Jaish ul Hind) ने दी है. दिल्ली धमाके की जांच NIA (National Investigation Agency) कर रही है. मालूम हो कि दिल्ली में इजरायली दूतावास के बाहर ब्लास्ट उस वक्त हुआ, जब भारत और इजरायल के राजनयिक संबंधों के 29 साल पूरे हुए थे. इस मौके पर दोनों देश जश्न मना रहे थे.
आपको बता दें कि इजरायली दूतावास के बाहर हुए ब्लास्ट की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और NIA की टीम कर रही है. इस बीच जैश उल हिंद नाम के संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी ली है, लेकिन खबर लिखे जाने तक इस तरह की जानकारी नहीं मिल सकी है कि जैश उल हिंद किस तरह का संगठन है और इसका संबंध कि आतंकी संगठन से है या नहीं और ये कोई स्लीपर सेल तो नहीं है. ये तमाम सवाल अभी भी है, जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे.
हालांकि, अब तक की जांच के अनुसार, जांच एजेंसियां का मानना है कि दिल्ली में इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके में ईरानी कनेक्शन है. धमाके वाली जगह से जांच एजेंसियों को एक पत्र मिला है, जिस पर लिखा है कि ये तो सिर्फ एक ट्रेलर था. इस पत्र में दो ईरानियों की हत्या के संबंध में कुछ बातें लिखी हुई हैं. मौके से मिले पत्र में लिखा है कि वो सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेंगे. इसके अलावा परमाणु वैज्ञानिक आर्देशिर की हत्या को लेकर भी जिक्र है.
उल्लेखनीय है कि ईरान के बड़े परमाणु वैज्ञानिक आर्देशिर की हत्या ड्रोन-गन से 30 नबम्बर 2020 को की गई थी, जिसके लिए ईरान के राष्ट्रपति ने सीधे तौर से इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था.
गौरतलब है कि दिल्ली में इजरायली दूतावास के पास शुक्रवार को हुआ ब्लास्ट 8 साल बाद हुआ कोई बड़ा बम धमाका है. इसके पहले 13 फरवरी 2012 में बम धमाका हुआ था. इसमें इजरायली राजनयिक को निशाना बनाया गया था. दूतावास के कर्मचारी समेत 4 लोग जख्मी हुए थे. इससे पहले 7 सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर ब्लास्ट हुआ था. उच्च न्यायालय के बाहर ब्लास्ट में 11 लोगों की जान चली गई थी और 80 लोग घायल हुए थे.
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