मध्यप्रदेश: शनिवार को सागर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर निगम द्वारा शहर के पाँच वर्षीय प्रगति रोडमैप के प्रस्तुतिकरण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। किसान सम्मान निधि और किसान कल्याण निधि के हितग्राही किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे हैं। इसी के साथ सागर में कार्यक्रम का शुभारंभ कन्यापूजन के साथ किया। इस दौरान सागर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय केवल 7.5 लाख हेक्टेयर ज़मीन में सिंचाई की व्यवस्था थी। हमने इसे बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर किया और अब हम 65 लाख हेक्टेयर ज़मीन में सिंचाई की व्यवस्था करने जा रहे हैं।
20 लाख किसानों के खातों में राशि का अंतरण: मुख्यमंत्री शिवराज
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 20 लाख किसानों के खातों में राशि का अंतरण। सीएम ने कहा भूखे लोगों को भोजन कराने से बड़ा पुण्य का कार्य कोई और नहीं है। जिन्हें भोजन की आवश्यकता है, उन तक भोजन पहुँचाने का एक प्रभावी माध्यम है 'आहार' मोबाइल एप्प। इससे बचा हुआ भोजन भी व्यर्थ नहीं जाता। मैं सभी से अपील करता हूँ कि इस एप्प से जुड़ें और ज़रूरतमंद नागरिकों की मदद करें। सुशासन देना हमारी जवाबदेही है, उससे हम पीछे नहीं हटेंगे। हम जनता के कल्याण के लिए हरसंभव उपाय और कार्य करेंगे।
गरीब का 5 लाख रुपये तक का इलाज सरकारी ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना के अंतर्गत होगा।
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) January 30, 2021
हमने प्रदेश के 2 करोड़ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का काम किया। इलाज के अभाव में कोई गरीब परेशान नहीं होगा: मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj pic.twitter.com/5kGMF7Xkqf
विपक्ष पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज बोले कि जिन्हें खेती का क, ख, ग नहीं पता है, वे नये कृषि कानूनों की व्याख्या कर रहे हैं। राहुल गांधी जैसे लोग किसान को गुमराह करके अपना हित साधने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। गरीब का 5 लाख रुपये तक का इलाज सरकारी ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना के अंतर्गत होगा। हमने प्रदेश के 2 करोड़ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का काम किया। इलाज के अभाव में कोई गरीब परेशान नहीं होगा।
गरीबों का हक छीनने वाली कांग्रेस: मुख्यमंत्री शिवराज
उन्होनें कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि में किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये देने का निर्णय किया, तो मैंने भी इसमें 4 हजार रुपया जोड़ने का फैसला किया। अब प्रदेश के हर किसान को दस हजार रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं। हमने इसमें गरीबों के बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरवाने से लेकर जीवन की अंतिम सांस तक सहायता की व्यवस्था की थी! गरीबों का हक छीनने वाली कांग्रेस गरीब हितैषी होने का ढोंग करती है।
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