Uttarakhand: कोरोना को लेकर सरकार ने जारी की नई SOP, सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे सिर्फ 100 लोग
देहरादून: कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलते देख उत्तराखंड में अब विवाह सहित धार्मिक, खेल, राजनीतिक समेत अन्य सार्वजनिक आयोजनों में 100 लोगों से अधिक के शामिल होने पर रोक लगा दी है. सरकार ने रविवार को एसओपी जारी कर ये पाबंदी लगाई है. मालूम हो कि अभी तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति थी. सरकार द्वारा रविवार को जारी की गई एसओपी में नाइट कर्फ्यू लगाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया गया है.
एसओपी के मुताबिक, सामाजिक, धार्मिक, खेल, सांस्कृतिक, मनोरंजन आदि आयोजनों में हॉल की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत या अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की ही अनुमति होगी. वहीं, सिनेमा हॉल और थियेटर की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के उपयोग की ही अनुमति है। स्वीमिंग पूल सिर्फ प्रशिक्षण के लिए ही उपयोग में लाए जाएंगे.
नाइट कर्फ्यू को लेकर एसओपी में साफ कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारियों को अधिकार होगा कि वे जरूरत महसूस करने पर नाइट कर्फ्यू लगा सकें. कनटेनमेंट जोन के बाहर स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन बिना राज्य सरकार की अनुमति के बिना लागू नहीं किया जा सकेगा.
उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए नई एसओपी में पंजीकरण की व्यवस्था को जारी रखा गया है. एसओपी में साफ निर्देशित किया गया है कि आवाजाही के लिए किसी पास या ई पास की जरूरत नहीं होगी. बस स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा.
सूबे की सरकार ने कोरोना को रोकने के लिए जांच पर भी अधिक जोर दिया है. एसओपी में जिलाधिकारियों से कहा गया है कि बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, सीमा चौकी, एयरपोर्ट आदि पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करें. बाहर से आने वालों में किसी भी तरह के लक्षण पाए जाते हैं, तो एंटीजन टेस्ट किया जाएगा. पॉजिटिव आने पर संबंधित आदेश का पालन किया जाएगा. जिलाधिकारियों से कहा गया है कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के अनुरूप व्यवहार को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए. मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी आदि का पालन न होने पर और सख्ती की जाए.
सरकार ने बीते रोजजारी की गई एसओपी में क्वारंटीन के नियमों में बहुत अधिक बदलाव नहीं किया है. सात दिन से कम के प्रवास पर रहने के स्थान की जानकारी देनी होगी. कोविड-19 के लक्षण सामने आने पर प्रशासन को बताना होगा. सात दिन से अधिक के प्रवास पर आने वाले लोगों को 10 दिन के लिए क्वारंटीन होना होगा. इसके साथ ही राज्य से बाहर पांच दिन से अधिक का प्रवास होने पर वापसी में 10 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा. चार दिन पहले तक की निगेटिव रिपोर्ट होने पर होम क्वारंटीन नहीं होना होगा.
पर्यटकों को होटल या होम स्टे में आने से पहले कोविड टेस्ट कराना जरूरी नहीं है, लेकिन होटल आदि में चेक इन से पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी.र लक्षण पाए जाने पर प्रशासन की ओर से संबंधित एसओपी के तहत कार्यवाही की जाएगी.
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